उद्योंगों में अनुशासनात्मक प्रक्रिया - अवचार, विभागीय जांच एवं दण्डें
About Book - यह पुस्तक भारतीय औद्योगित व्यवसथा से सम्बनिधत महत्वपूर्ण विषय अनुशासनात्मक प्रक्रिया पर लिखी गयी है। इस पुस्तक के अन्तर्गत ग्यारह अध्याय हैं, जो अनुशासनात्मक प्रक्रिया के विधि आयामों पर प्रकाश डालते हैं। अनुशासन के सैद्धान्तिक विवेचन तथा अनुशसनात्मक प्ऱिक्रया के विभिनन पहलुओं का उल्लेख क्रमशः पहले वह दूसरे अध्याय के अन्तर्गत किया गया है। तीसरे अध्याय में अनुशासन से सम्बन्धित अवचारों का वर्णन है तथा चौथे अध्याय में अनुशासनात्मक प्रक्रिया के महत्वपूर्ण पहलू, विभागीय जांच का विश्लेषण चरणबद्ध रूप में प्रस्तुत किया गया है। अनुशासन समबन्धी दण्ड तथा अनुशासनात्मक प्रक्रिया की प्रभावपूर्णता सम्बन्धी अध्ययन हेतु विधितन्त्र के विषय में जानकारी सातवें अध्याय में दी गयी है। उद्योगों में अनुशासनात्मक प्रक्रिया से सम्बन्धित स्थायी आदेशों का उल्लेख आठवें अध्याय में तथा अनुशासनात्मक प्रक्रिया से सम्बन्धित स्थायी आदेशों का उल्लेख आठवें अध्याय में तथा अनुशासनात्मक प्रक्रिया की प्रशसकीय संरचना का वर्णन नवें अध्याय में प्रसतुत है। उत्तर प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों की अनुशासनात्मक प्ऱिक्रया के अध्ययन के आधार पर ज्ञात प्रमुख तथ्य दसवें अध्याय मंे अवलोकित किये जा सकते हैं । इसके अतिरिक्त, अनुशसनात्मक प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट, व्यवहारिक एवं प्रीाावपूण्र ढंग से समझने हेतु ग्यारहवें अध्याय में वैयक्तिक अध्ययनों को भी प्रस्तुत किया गया हैं, जो इस पुस्तक में अनुशासनात्मक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण व्यावहारिक आयाम प्रस्तुत करता है। इस विषय में भावी अध्ययन एवं अतिरिकत जानकारी हेतु पुस्तक के अनत में चयनित ग्रन्थ सूची भी प्रस्तुत की गयी है। इस प्रकार, यह पुसतक औद्योगिक श्रम, औद्योगिक व्यवस्था, औद्योगिक मनोवैज्ञानिक तथा औद्योगिक सम्बन्धें इत्यादि से सम्बन्धित अध्ययनकर्ताओं, प्रशिक्षण प्रदत्तकर्ताओं, अनुशसनिक व्यवस्था से जुड़े व्यावहारिक कार्यकर्ताओंख् अनुसंधानकर्ताओं, नीति-निर्माणकर्ताओं, तथा प्रशासकों इत्यादि के लिए महत्वपूर्ण है।
About Authors -
प्रो. आर. बी.एस. वर्मा लखनऊ विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग के विभागाध्यख एवं इस लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा चलाये जा रहे मास्टर आफ ळयूमन रिसोर्स मैनेजमेण्ट एण्ड इण्डस्ट्रियल रिलेशनस पाठ्यक्रम के निदेशक हैं। प्रो. वर्मा की हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषा में छः पुस्तकेें प्रकाशित हो चुकी हैं। जिनमें से हिन्दी भाषा में लिखित ''औद्योगिक अधीक्षण'' तथा अंग्रेजी भाषा में लिखित ''सुपरवाइजरी मैनेजमेण्ट'' उल्लेखनीय हैं। इसके अतिरिक्त इनके पैंतीस लेख विभिन्न पत्र एवं पत्रिकाआंे में प्रकाशित हो चुके हैं तथा इन्होंने लगभग दो दर्जन से अधिक संगोष्ठियों एवं कार्यशालाओं में अपने लेख प्रस्तुत किये हैं।
डा. अतुल प्रताप सिंह दिल्ली विश्वविद्यालय से सम्बद्ध डा0 भीम राव अम्बेडकर महाविद्यालय के समाजकार्य विभाग में प्रवक्ता के रूप में अपना योगदान दे रहे हें। डा. सिंह पूर्व में लखनऊ विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग में दो वर्षों तक अतिथि प्रवक्ता के रूप में कार्यरत रह चुके हैं। पूर्व मे ंआपकी प्रो. वर्मा के साथ हिनदी भाषा में लिखित पुसतक ''मानव संसाधन विकास एवं प्रबन्ध की रूपरेखा'' प्रकाशित हो चुकी है। इनके दो लेख पुसतकों में प्रकाशित हो चुकी है। इसके अतिरिक्त, इन्होंने विभिन्न विषयों से सम्बन्धित राष्ट्रीय स्तर की शोध परियोजनाओं मे अपना योगदान दिया है तथा एक दर्जन से अधिक संगोष्ठियों में भाग लिया है।
ISBN : 81-89267-28-0
Price : INR 595/-
